कृषिवानिकी के आधुनिक आयाम और वनसंवर्धन तकनीकें पुस्तक कृषिवानिकी एवं वनसंवर्धन के आधुनिक सिद्धांतों, तकनीकों और व्यावहारिक पहलुओं का समग्र परिचय प्रस्तुत करती है। इसमें वृक्ष-आधारित कृषि प्रणालियाँ, मृदा एवं जल संरक्षण, पौध प्रवर्धन, उन्नत वन प्रबंधन, जैव विविधता संरक्षण और सतत संसाधन उपयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों को सरल एवं वैज्ञानिक रूप में समझाया गया है। यह पुस्तक विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं, कृषि एवं वानिकी विशेषज्ञों तथा कृषिवानिकी से जुड़े पाठकों के लिए उपयोगी संदर्भ सामग्री है।
निशांत घोड़े एक लेखक, मधुमक्खी पालक और औषधीय पौधों की फाइटोकेमिकल स्क्रीनिंग में विशेषज्ञता रखने वाले शोधार्थी हैं। आई. जी. के. वी. और शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय से मजबूत शैक्षणिक पृष्ठभूमि प्राप्त करने के बाद, निशांत ने वन्यजीव विज्ञान के एक विद्यार्थी से एक बहुआयामी शोधकर्ता और आविष्कारक के रूप में अपनी पहचान बनाई है। वैज्ञानिक साहित्य में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने कुल पाँच पुस्तकें प्रकाशित की हैं, जिनमें दो पुस्तकें, दो मैनुअल और एक संपादित पुस्तक शामिल हैं। उनके शैक्षणिक योगदान में पाँच पुस्तक अध्याय भी शामिल हैं, जिनमें एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय पुस्तक अध्याय के साथ-साथ दस लोकप्रिय लेख, तीन शोध-पत्र और नौ समीक्षा-पत्र शामिल हैं। लेखन के अलावा, वे एक समर्पित नवोन्मेषक भी हैं और उन्होंने वानिकी, कीटविज्ञान तथा पर्यावरण विज्ञान के क्षेत्रों के लिए दो विशेष उपकरण विकसित किए हैं। उनकी बौद्धिक संपदा में एक भारतीय यूटिलिटी पेटेंट, दो भारतीय डिज़ाइन पेटेंट, दो यूके डिज़ाइन पेटेंट और एक भारतीय कॉपीराइट शामिल हैं। इन क्षेत्रों में उनके योगदान के लिए उन्हें विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में कुल नौ पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है।